Extra Curricular Activities

महाविद्यालय में निरन्तर अनेक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं जिससे छात्राओं के सर्वांगीण विकास में सहायता मिलती है। प्रत्येक छात्रा वर्ष भर मात्र किताबी ज्ञान से न जुड़कर, जीवन की विभिन्न विधाओं से जो कि महाविद्यालय में कार्यरत परिषदें वर्ष भर आयोजित करती रहती हैं, के माध्यम से जुड़ी रहती है। अतः वैदिक बालिका महाविद्यालय इन परिषदों के माध्यम से शिक्षा को नीरस नहीं अपितु मनोरंजक बनाने का प्रयास करता है। विभिन्न परिषदें यथा-

  • सांस्कृतिक परिषद्
  • साहित्य परिषद्
  • खेलकूद परिषद्

वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम जैसे, गायन, निबन्ध-लेखन, भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद व विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आदि आयोजित करती रहती है।

विज्ञान परिषदः विज्ञान परिषद् के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। जैसे कि विज्ञान विषयों से सम्बन्धित किसी विषय पर सेमिनार आयोजित कराये जाने का प्रावधान है, जिसमें विषय के विशेषज्ञों को बुलाकर व्याख्यान कराये जाते है। विज्ञान विषयों जैसे रसायन, प्राणि व वनस्पति विज्ञान के रोचक तथ्यों की जानकारी मनोरंजन शैली में दी जाती है।

वनस्पति विज्ञान के संदर्भ में वानस्पतिक उद्यान की सैर कराई जाती है। जिसमें छात्राओं को वनस्पति का ज्ञान सरल एवं रोचक तरीके से होता है।

प्राणि विज्ञान से सम्बन्धित छात्राओं को जंतुआलय व पक्षी विहार की सैर कराना भी विज्ञान परिषद् की गतिविधि के अन्तर्गत आता है।

रसायन विज्ञान के संदर्भ में विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी विज्ञान संस्थानों, जैसे बिरला प्लेनेटोरियम, भाभा परमाणु अनुसंधान संस्थान, एन टी पी इत्यादि में ले जाने का प्रावधान है।

वाणिज्य परिषदः वाणिज्य परिषद् के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती है- जैसे कि वाणिज्य विषय से सम्बन्धित विद्वानों को समय-समय पर बुलाकर व्याख्यान करना। अन्य गतिविधियों में विषय से सम्बन्धित “चार्ट प्रतियोगिता“ आषु भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाइयां भी कार्यरत है जो कि विभिन्न गतिविधियों के माध्यमों से छात्राओं को राष्ट्र सेवा से जोड़ती है।

पुस्तकालय एवं वाचनालयः पुस्तकालय शिक्षा का मेरूदण्ड है। पुस्तकालय के द्वारा ही हम अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास कर सकते है। महाविद्यायय में पुस्तकालय, उसके संदर्भ ग्रन्थों, कोषों एवं विविध सामग्रियों से सुसज्जित करने के प्रयास निरंतर चलते रहते है। वाचनालय में विभिन्न समाचार पत्र व पत्रिकायें आती है।