Other Activities

सांस्कृतिक गतिविधियाँ: वैदिक बालिका पी.जी. महाविद्यालय से राजस्थान विश्वविद्यायल में युवा सांस्कृतिक समारोह घूमर में संगीत विभाग एवं चित्रकला विभाग की छात्राओं में कु. ओम ज्योति ने शास्त्रीय एवं लोक संगीत में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सुगम गायन में परिधि जैन को उत्कृष्ठ पुरस्कार मिला। इसी प्रकार चित्रकला में कोलाज में सन्तोष पुरोहित ने द्वितीय, क्ले मॉडलिंग में तृतीय व कार्टुन पैकिंग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला विभाग की छात्राओं द्वारा जवाहर कला केन्द्र की दीर्घा पारिजात में चित्रकृति प्रदर्शनी लगाई एवं राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित 15 वें कला मेले में भाग लिया।

वार्षिक गतिविधियाँ: वार्षिक गतिविधियों के अन्तर्गत छात्राओं का सर्वांगीण विकास करने के लिये विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इन गतिविधियों के अन्तर्गत निबन्ध प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही समय-समय पर व्याख्यान व कैरियर काउन्सलिंग के माध्यम से छात्राओं को रोजगारोन्मुख पथ प्रदर्शित करने का भी प्रयास किया जाता है। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ हमारे यहाँ व्यावसायिक ज्वैलरी, गिफ्ट पैकिंग, रंगोली, ब्यूटीशियन कोर्स का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

राष्ट्रीय सेवा योजना: के अन्तर्गत स्वास्थ्य रक्तदान शिविर, थैलीसीमिया की जाँच करवायी जाती है इसके साथ ही सामाजिक समस्याओं पर समय-समय पर व्याख्यान आयोजित किये जाते है, तथा ग्रामीण विकास हेतु गोद लिए गाँव, बाढ़ देवरी व मांग्यावास में नशामुक्ति, साक्षरता, टीकाकरण, एड्स की रोकथाम शराबबंदी आदि से सम्बन्धित अभियान चलाये जाते है। हरियालों राजस्थान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।

चित्रकला प्रदर्षनी

जवाहर कला केन्द्र में मानसरोवर स्थित वैदिक बालिका पी.जी. महाविद्यालय के चित्रकला विभाग की छात्राओं द्वारा बनाई गई पेन्टिंग्स की प्रदर्षनी का उद्घाटन आदर्ष नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अषोक परनामी ने किया। वैदिक बालिका पी.जी. महाविद्यालय, मानसरोवर वरूण पथ चित्रकला विभाग की तरूण कलाकार छात्राओं ने अपने चित्रों की एक मनमोहक प्रदर्षनी जवाहर कला केन्द्र की दीर्घा परिजात-प्प् में दिनांक 7 फरवरी, 2013 को चित्रकृति-3 लगाई गई। प्रदर्षनी में लगभग 40 छात्राओं की 150 कलाकृतियाँ प्रदर्षित की गई हैं। चित्रकला विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ0 शकुन्तला के मार्गदर्षन में बनाई गई इन कलाकृतियों के माध्यम से छात्राओं ने अपने अनुभव, विचारों भावना को प्रस्तुत किया वहीं लोगों को सन्देष भी दिया। स्नातक व स्नातकोत्तर की छात्रा ऋषिका, छाया, ममता, ने अपनी तुलिका के माध्यम से समाज में फैले विषाक्त दानव, ज्वलन्त व घृणित बुराइयों, कन्या भू्रण हत्या व दिल्ली गैंग रेप को मिश्रित माध्यम, कोलाज के द्वारा उकेरते हुए अपनी सषक्त रूप से अपने विचारों को समाज के सामने रखा है। दिप्ती गुरनानी व प्रियंका गोयल ने गणेष को माॅडल रूप देकर टेक्चर द्वारा अभिव्यक्त किया है। मनीषा वषिष्ट ने कारण घटते जंगलों व टायगर बचाने का संदेष दिया । छाया, ममता, प्रतिभा, सन्तोष पुरोहित, सीता वर्मा, कविता, ममता, सुधन्या ने अपने दृष्य चित्रों के माध्यम से प्रकृति को संजोये रखने के प्रकृति के रंगों को ही अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया प्रतिभा भेरवाल ने महिला सषक्तिकरण का, रेखा अग्रवाल ने ग्राम्य दैनिक जीवन पर आधारित चित्रण शैली बनाई। वहीं रामतीर्थ ने द्वियामी रूप में बनाया। रितिका सिंह ने कथक नृत्य करती महिला को चित्रित किया। प्रतिमा व सन्तोष पुरोहित ने फूलों के द्वारा प्रकृति के महत्व, सुगन्ध, सौम्यता को दर्षाया। रेखा अग्रवाल ने अपनी दूसरी पंेन्टिग में मासूम बचपन की खुषियों को बरसात में भीगते हुए दर्षाया। कोमल अरोड़ा ने पेन्सिल व रंगों के मिश्रित माध्यम से आटर््स आॅफ म्यूजिक और नेचर आॅफ लव उकेरा, नम्रता ने बिहार की मधुबनी लोक चित्रकला के द्वारा षिव व पार्वती तथा भगवान कृष्ण को बनाया, संजना चैधरी ने पेन्टिंग में माँ बेटी के प्यार को दिखाया। संजना ने अपनी दूसरी पेन्टिंग में सूर्य के प्रकाष द्वारा एक उम्मीद को दिखाया है। आरती तिवाड़ी ने लेडी व हंस बनाया है। लाजवन्ती, आषा ने राधा कृष्ण को आधुनिक रूप में दिखाया। मनीषा महावर ने कोलाज के माध्यम से संगीतज्ञ महिलाओं को दिखाया । शुभा शर्मा ने पोर्टेट व कृष्ण अर्जुन को तेल-रंगों के द्वारा बनाया। दीपिका आर्य ने पेपर कटिंग द्वारा कोलाज बनाया ज्योति सोनी ने राधा को स्वयं में कृष्ण के रूप में देखते हुए बनाया मन्जु वर्मा ने 2 कलर शैंडिंग रेखाओं द्वारा आधुनिक महिलाएं बनाई मनीषा शर्मा ने पेन एण्ड इंक से ब्लैक एण्ड व्हाइट वीकेज सीन बनाया। रैनु सैनी ने माँ बेटी के प्यार को दिखाया वहीं रेषमा ने सात महिलाएं बनाईं संगीता सिंह ने डांडिया डांस को माॅडर्न रूप में बनाया । सोनी कुमावत ने सूर्य के सात घोड़े बनाए। आरती शर्मा, प्रीति रानी राजावत, मेधा तिवाड़ी सुधन्या ने वस्तुओं को द्विआयामी रूप से विभिन्न रंगों द्वारा बनाया, मीना कुमारी ने चाॅर्म आॅफ ब्यूटी बनाई व रूपा दास ने सोनपरी के द्वारा अपने भावों को व्यक्त किया। सुमन अग्रवाल ने श्री मोक्ष कुण्डम विष्वसुरैया (भारत रत्न) का पोर्टेट बनाया।
परिजात -प्प् में प्रदर्षित पेन्टिंग्स को आगन्तुकगणों ने बहुत रूचिपूर्वक देखा एवं छात्राआंे द्वारा किये गये कार्य की सराहना की।
प्रदर्षनी में राजस्थान आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष श्री सत्यव्रत सामवेदी, ग्रामोद्योग समिति, बाँसवाड़ा की अध्यक्ष श्रीमती मृदुला, देष की प्रख्यात चित्रकार व राजस्थान विष्वविद्यालय के चित्रकला विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष, महाविद्यालय के निदेषक श्री घनष्यामधर त्रिपाठी वे अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।